Thursday, July 7, 2011

Sai...

kaise bayan karu teri kudrat,teri khudai,
har kadam par bna tu meri parchai,
teri murat ab mere jehan me hai samai,
ab sharan mein le lo tum sai,
ab darshan de do tum sai!!!

har musibat mein bane tum meri dhaal,
shirdi ganv me kiye tumne kayi kamaal,
bure raaste par jaane se tumne liya sambhal,
ab to suljha do moh-maya ka jaal....
ab to sharan me le lo tum sai,
ab to apna bna lo mujhe sai!!!

teri rehmat se chalta yeh sansaar hai,
jis par ho teri nazar uska beda he paar hai,
mujhe acchai ka raasta dikhate chalo,
mere pyaar ko yuh hin apnate chalo,.,.,.

apne bhakton me kahin iss nadaan ko bhool na jana,
jaisi hun teri hun, ant me tum mujhe apnana,.,.
ab to sharan me le lo sai,
ab to darshan de mujhe sai!!!!!
i love u bhagvan ji!!!

कैसे बयां करू तेरी कुदरत ,तेरी खुदाई ,
हर कदम पर बना तू मेरी परछाई ,
तेरी मूरत अब मेरे जेहन में है समाई ,
अब शरण में ले लो तुम साईं ,
अब दर्शन दे दो तुम साईं !!!

हर मुसीबत में बने तुम मेरी ढाल ,
शिर्डी गाँव में किये तुमने कई कमाल ,
बुरे रास्ते पर जाने से तुमने लिया सँभाल ,
अब तो सुलझा दो मोह -माया का जाल ....
अब तो शरण में ले लो तुम साईं ,
अब तो अपना बना लो मुझे साईं !!!

तेरी रहमत से चलता यह संसार है ,
जिस पर हो तेरी नज़र उसका बेडा ही पार है ,
मुझे अच्छाई का रास्ता दिखाते चलो ,
मेरे प्यार को यू ही अपनाते चलो ,.,.,.

अपने भक्तों में कहीं इस नादान को भूल न जाना ,
जैसी हूँ तेरी हूँ , अंत में तुम मुझे अपनाना ,.,.
अब तो शरण में ले लो साईं ,
अब तो दर्शन दे दो मुझे साईं !!!!!

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